भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA, 2023) के भाग III (सबूत के विषय में / On Proof) की धारा 51 से 73 तक
(यह भाग बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें मौखिक साक्ष्य (Oral Evidence) और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य (Electronic Evidence) के नए नियम शामिल हैं!)
⚖️ भाग III - सबूत के विषय में (On Proof)
अध्याय III: तथ्य जिन्हें साबित करने की आवश्यकता नहीं है (Facts which need not be proved) (Sections 51–53)
(अदालत कुछ बातों को बिना सबूत के ही सच मान लेती है)
5️⃣1️⃣ धारा 51 – ⚖️ तथ्य जिनकी न्यायिक संज्ञान (Judicial notice) न्यायालय लेगा, उन्हें साबित करना आवश्यक नहीं है (पुरानी IEA 56)
5️⃣2️⃣ धारा 52 – 🏛️ वे तथ्य जिनकी न्यायिक संज्ञान न्यायालय को अवश्य लेनी चाहिए (जैसे भारत के कानून, संसद की कार्यवाही, भौगोलिक सीमाएं, राष्ट्रीय ध्वज आदि - पुरानी IEA 57)
5️⃣3️⃣ धारा 53 – 🤝 स्वीकृत तथ्यों (Admitted facts) को साबित करना आवश्यक नहीं है (यदि मुक़दमे के दोनों पक्ष किसी बात पर सहमत हैं, तो उस पर सबूत देने की ज़रूरत नहीं - पुरानी IEA 58)
🗣️ अध्याय IV: मौखिक साक्ष्य (Of Oral Evidence) (Sections 54–55)
5️⃣4️⃣ धारा 54 – 🗣️ मौखिक साक्ष्य द्वारा तथ्यों का साबित किया जाना (Proof of facts by oral evidence - दस्तावेज़ों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को छोड़कर बाकी सभी तथ्य मौखिक गवाही से साबित किए जा सकते हैं। पुरानी IEA 59)
5️⃣5️⃣ धारा 55 – 👁️ मौखिक साक्ष्य प्रत्यक्ष (Direct) होना चाहिए (यानी जिसने खुद देखा, खुद सुना या खुद महसूस किया, वही गवाही देगा। सुनी-सुनाई बात / Hearsay Evidence अदालत में नहीं मानी जाएगी। पुरानी IEA 60)
📄 अध्याय V: दस्तावेज़ी साक्ष्य (Of Documentary Evidence) (Sections 56–73)
(इस अध्याय में इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के नियम पूरी तरह बदल दिए गए हैं और उन्हें कागज़ी दस्तावेज़ों के बराबर दर्ज़ा दिया गया है)
प्राथमिक और द्वितीयक साक्ष्य (Primary and Secondary Evidence) (Sections 56–60)
5️⃣6️⃣ धारा 56 – 📄 दस्तावेज़ों की अंतर्वस्तु (Contents) का प्राथमिक या द्वितीयक साक्ष्य द्वारा साबित किया जाना
5️⃣7️⃣ धारा 57 – 🥇 प्राथमिक साक्ष्य (Primary evidence) (मूल दस्तावेज़ खुद न्यायालय के निरीक्षण के लिए पेश करना - पुरानी IEA 62)
5️⃣8️⃣ धारा 58 – 🥈 द्वितीयक साक्ष्य (Secondary evidence) (जैसे ओरिजिनल की फोटोकॉपी, प्रमाणित प्रति / Certified copy या उस व्यक्ति का बयान जिसने दस्तावेज़ पढ़ा हो - पुरानी IEA 63)
5️⃣9️⃣ धारा 59 – 📜 प्राथमिक साक्ष्य द्वारा दस्तावेज़ों का साबित किया जाना (सामान्य नियम यही है कि हमेशा ओरिजिनल दस्तावेज़ ही पेश करना चाहिए)
6️⃣0️⃣ धारा 60 – 🔄 वे मामले जिनमें दस्तावेज़ों के संबंध में द्वितीयक साक्ष्य (Secondary evidence) दिया जा सकेगा (जैसे जब ओरिजिनल दस्तावेज़ खो गया हो, नष्ट हो गया हो, या विरोधी पक्ष के पास हो)
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य (Electronic Evidence) (Sections 61–63) 💥 (सबसे महत्वपूर्ण बदलाव)
6️⃣1️⃣ धारा 61 – 💻 इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल रिकॉर्ड (Electronic or digital record) (नया प्रावधान - अब इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का कानूनी प्रभाव और वैधता बिल्कुल कागजी दस्तावेज़ के बराबर होगी)
6️⃣2️⃣ धारा 62 – 📲 इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड से संबंधित साक्ष्य के बारे में विशेष प्रावधान
6️⃣3️⃣ धारा 63 – 📑 इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की ग्राह्यता (Admissibility of electronic records) (यह पुरानी IEA की मशहूर धारा 65B है। इसके तहत WhatsApp चैट, CCTV फुटेज या ईमेल को सबूत मानने के लिए एक विशेष 'सर्टिफिकेट' देना अनिवार्य होता है)
दस्तावेज़ों का निष्पादन और सत्यापन (Execution and Verification of Documents) (Sections 64–73)
6️⃣4️⃣ धारा 64 – ✉️ दस्तावेज़ पेश करने की सूचना (Notice to produce) के बारे में नियम
6️⃣5️⃣ धारा 65 – ✍️ उस व्यक्ति के हस्ताक्षर और हस्तलेख (Handwriting) का साबित किया जाना जिसके बारे में यह दावा है कि उसने दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए हैं
6️⃣6️⃣ धारा 66 – 🔐 इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर (Electronic signature) के बारे में सबूत (यह साबित करना कि डिजिटल साइन उसी व्यक्ति का है)
6️⃣7️⃣ धारा 67 – 🖋️ ऐसे दस्तावेज़ के निष्पादन (Execution) का साबित किया जाना जिसका विधि द्वारा अनुप्रमाणित (Attested - गवाहों द्वारा प्रमाणित) होना आवश्यक है (जैसे वसीयत / Will)
6️⃣8️⃣ धारा 68 – 🕵️♂️ जब कोई अनुप्रमाणक गवाह (Attesting witness) न मिले (जैसे गवाह की मृत्यु हो गई हो), तब दस्तावेज़ साबित करना
6️⃣9️⃣ धारा 69 – 🙋♂️ अनुप्रमाणित दस्तावेज़ के पक्षकार द्वारा निष्पादन की स्वीकृति (Admission)
7️⃣0️⃣ धारा 70 – ❌ जब अनुप्रमाणक गवाह निष्पादन से इनकार करता है या भूल जाता है, तब उसे अन्य साक्ष्यों से साबित करना
7️⃣1️⃣ धारा 71 – 📄 ऐसे दस्तावेज़ का साबित किया जाना जिसका विधि द्वारा अनुप्रमाणित (Attested) होना आवश्यक नहीं है
7️⃣2️⃣ धारा 72 – 🔎 हस्ताक्षर, लिखावट या मुहर (Seal) की तुलना (Comparison) अन्य स्वीकृत या साबित हस्ताक्षरों से करना (अदालत खुद दो हस्ताक्षरों का मिलान कर सकती है)
7️⃣3️⃣ धारा 73 – 💻 डिजिटल हस्ताक्षर के सत्यापन (Verification of digital signature) के बारे में सबूत
