भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) की धारा 74 से 93 तक

(यह हिस्सा दस्तावेज़ों के वर्गीकरण और अदालत द्वारा उनके बारे में की जाने वाली 'उपधारणाओं' यानी Presumptions से जुड़ा है)


🏛️ लोक दस्तावेज़ (Public Documents) (Sections 74–78)

7️⃣4️⃣ धारा 74 – 🏛️ लोक दस्तावेज़ (Public documents) (ये वे दस्तावेज़ हैं जो संप्रभु प्राधिकारी, सरकारी निकायों या लोक सेवकों द्वारा बनाए जाते हैं। जैसे: FIR की कॉपी, चार्जशीट, कोर्ट के फैसले, जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र - पुरानी IEA 74)

7️⃣5️⃣ धारा 75 – 🏠 प्राइवेट दस्तावेज़ (Private documents) (जो दस्तावेज़ लोक दस्तावेज़ नहीं हैं, वे सभी प्राइवेट हैं। जैसे: आपकी निजी डायरी, आपसी कॉन्ट्रैक्ट, चिट्ठियां - पुरानी IEA 75)

7️⃣6️⃣ धारा 76 – 📜 लोक दस्तावेज़ों की प्रमाणित प्रतियां (Certified copies of public documents - सरकारी अधिकारी द्वारा मुहर और हस्ताक्षर के साथ दी गई 'सर्टिफाइड कॉपी')

7️⃣7️⃣ धारा 77 – ⚖️ प्रमाणित प्रतियों को पेश करके दस्तावेज़ों का साबित किया जाना (ओरिजिनल की जगह सर्टिफाइड कॉपी अदालत में मान्य है)

7️⃣8️⃣ धारा 78 – 📂 अन्य आधिकारिक दस्तावेज़ों (Official documents) को साबित करने के तरीके (जैसे सरकारी अधिसूचनाएं, संसद की कार्यवाही आदि)


✔️ दस्तावेज़ों के बारे में उपधारणाएं (Presumptions as to Documents) (Sections 79–93)

(उपधारणा / Presumption का अर्थ है कि जब तक कोई इसे गलत साबित न कर दे, अदालत मानकर चलेगी कि दस्तावेज़ असली है और उसमें लिखी बात सही है)

7️⃣9️⃣ धारा 79 – 🥇 प्रमाणित प्रतियों (Certified copies) के असली होने के बारे में उपधारणा (अदालत मानेगी कि सर्टिफाइड कॉपी एकदम असली है)

8️⃣0️⃣ धारा 80 – 👨‍⚖️ साक्ष्य के रिकॉर्ड (Record of evidence) के रूप में पेश किए गए दस्तावेज़ों के बारे में उपधारणा (जैसे जज द्वारा रिकॉर्ड की गई गवाही का पर्चा)

8️⃣1️⃣ धारा 81 – 📰 राजपत्रों (Gazettes), समाचार पत्रों, और संसद के प्राइवेट अधिनियमों के बारे में उपधारणा

8️⃣2️⃣ धारा 82 – 💻 इलेक्ट्रॉनिक राजपत्रों (Electronic Gazettes - जो डिजिटल रूप में प्रकाशित होते हैं) के बारे में उपधारणा

8️⃣3️⃣ धारा 83 – 🗺️ सरकार के प्राधिकार द्वारा बनाए गए नक्शों या रेखांकनों (Maps or plans) के बारे में उपधारणा

8️⃣4️⃣ धारा 84 – 📚 कानूनों के संग्रह और निर्णयों की रिपोर्टों (Law books/Reports) के बारे में उपधारणा (जैसे सुप्रीम कोर्ट के फैसलों की किताबें)

8️⃣5️⃣ धारा 85 – ✍️ मुख्तारनामे (Power-of-attorney) के बारे में उपधारणा

8️⃣6️⃣ धारा 86 – 🤝 इलेक्ट्रॉनिक करारों (Electronic agreements) के बारे में उपधारणा

8️⃣7️⃣ धारा 87 – 🔐 इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरों (Electronic signatures) के बारे में उपधारणा

8️⃣8️⃣ धारा 88 – 📄 इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर प्रमाणपत्रों (Electronic Signature Certificates) के बारे में उपधारणा

8️⃣9️⃣ धारा 89 – 🌍 विदेशी न्यायिक रिकॉर्ड (Foreign judicial records) की प्रमाणित प्रतियों के बारे में उपधारणा

9️⃣0️⃣ धारा 90 – 📖 पुस्तकों, नक्शों और चार्टों के बारे में उपधारणा

9️⃣1️⃣ धारा 91 – ✉️ तार द्वारा भेजे गए संदेशों (Telegraphic messages) के बारे में उपधारणा

9️⃣2️⃣ धारा 92 – 📱 इलेक्ट्रॉनिक संदेशों के बारे में उपधारणा (Presumption as to electronic messages) (जैसे ईमेल, WhatsApp मैसेज - अदालत यह मान लेगी कि जो संदेश भेजा गया था वही प्राप्तकर्ता को मिला, लेकिन अदालत खुद से यह नहीं मान लेगी कि इसे किस व्यक्ति ने भेजा था, वह साबित करना होगा)

9️⃣3️⃣ धारा 93 – ❌ जो दस्तावेज़ पेश नहीं किए गए, उनके निष्पादन (Execution) के बारे में उपधारणा (यदि नोटिस देने के बाद भी कोई अपना दस्तावेज़ अदालत में पेश नहीं करता, तो अदालत मान लेगी कि वह दस्तावेज़ सही तरीके से निष्पादित हुआ था)



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