डॉ. करमचन्द अहीर

डॉ. करमचन्द अहीर
डॉ. करमचन्द अहीर : पंचपरगनिया भाषा के समर्पित प्रहरी प्रारंभिक जीवन और शिक्षा 12 मार्च 1949 को राहे प्रखंड के फुलवार गाँव में डॉ. करमचन्द अहीर का जन्म हुआ। पिता का नाम शम्भूनाथ अहीर और माता का नाम चइती देवी था। बचपन से ही वे अध्ययनशील और मेधावी रहे। उनकी लगन ने उन्हें एम.ए., बी.एड. और पीएच.डी. तक की शिक्षा दिलाई।   शिक्षण और समाज सेवा 21 अप्रैल 1974 को उन्होंने सरकारी शिक्षक के रूप में कार्यभार संभाला। इसके पूर्व वे 1971 से 1983 तक पी.पी.के. कॉलेज, बुंडू में निःशुल्क सेवा देकर अनेक विद्यार्थियों को शिक्षित कर चुके थे।   1983 से 2012 तक वयस्क शिक्षा परियोजना पदाधिकारी के रूप में उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किया। ताम्बाजुड़ी (मुसाबनी) और तिरीलडीह (पोटका) जैसे गाँवों को पूर्णतः साक्षर बनाना उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि रही।   बहुमुखी प्रतिभा और संस्थागत योगदान डॉ. अहीर केवल शिक्षक और लेखक ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और कलाकार भी हैं।   - उन्होंने “पंचपरगनिया झाड़ लिपि” का आविष्कार किया।   - पंचपरगनिया सिनेमा “मन केर भूत” में अभिनय किया।   - पंचपरगनिया भाषा विकास केन्द्रीय समिति, बुंडू के सचिव रहे।   - 2001 में …