भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) की धारा 126 से 142 तक

भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA, 2023) की धारा 126 से 142 तक 

🗣️ अध्याय IX: गवाह (Of Witnesses) (Sections 126–142)

(यह अध्याय तय करता है कि अदालत में कौन गवाही दे सकता है (सक्षम गवाह / Competent Witness), और किन लोगों को कुछ खास बातें बताने से कानूनी छूट (Privilege) मिली हुई है)

1️⃣2️⃣6️⃣ धारा 126 – 🙋‍♂️ कौन गवाही दे सकता है (Who may testify) (सभी व्यक्ति गवाही दे सकते हैं, जब तक कि अदालत को यह न लगे कि वे बहुत छोटे (बच्चे), बहुत बूढ़े, या मानसिक/शारीरिक बीमारी के कारण पूछे गए सवालों को समझने या उनका सही जवाब देने में असमर्थ हैं - पुरानी IEA 118)

1️⃣2️⃣7️⃣ धारा 127 – 🤐 वह गवाह जो मौखिक संचार करने में असमर्थ है (Witness unable to communicate verbally) (इसे पहले 'मूक गवाह' कहा जाता था। यदि कोई बोल नहीं सकता, तो वह लिखकर या इशारों से खुले न्यायालय में गवाही दे सकता है, और इसे मौखिक साक्ष्य ही माना जाएगा - पुरानी IEA 119)

1️⃣2️⃣8️⃣ धारा 128 – 👨‍👩‍👦 सिविल मुकदमों में पक्षकार और उनके पति/पत्नी, तथा दांडिक (Criminal) मुकदमों में आरोपी के पति/पत्नी सक्षम गवाह होंगे (पुरानी IEA 120)


🤫 विशेषाधिकार प्राप्त संसूचनाएं (Privileged Communications)

(इन धाराओं के तहत कुछ रिश्तों में हुई बातचीत को अदालत में बताने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता)

1️⃣2️⃣9️⃣ धारा 129 – 👨‍⚖️ न्यायाधीश और मजिस्ट्रेट (Judges and Magistrates) (किसी जज या मजिस्ट्रेट को यह बताने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता कि अदालत में उसके सामने क्या हुआ या उसने फैसला कैसे लिया, जब तक कि उससे बड़े न्यायालय का आदेश न हो - पुरानी IEA 121)

1️⃣3️⃣0️⃣ धारा 130 – 💍 विवाह के दौरान की गई बातचीत (Communications during marriage) (पति-पत्नी के बीच शादी के दौरान हुई कोई भी बातचीत पूरी तरह गोपनीय मानी जाती है। अदालत उन्हें एक-दूसरे के खिलाफ वह बात बताने के लिए मजबूर नहीं कर सकती - पुरानी IEA 122)

1️⃣3️⃣1️⃣ धारा 131 – 🏛️ राज्य के कामकाज के बारे में साक्ष्य (Affairs of State) (देश की सुरक्षा या गुप्त सरकारी मामलों से जुड़े अघोषित दस्तावेज़ों की जानकारी बिना विभाग के प्रमुख की अनुमति के नहीं दी जा सकती - पुरानी IEA 123)

1️⃣3️⃣2️⃣ धारा 132 – ✉️ शासकीय संसूचनाएं (Official communications) (यदि किसी सरकारी अधिकारी को लगता है कि कोई गोपनीय जानकारी उजागर करने से जनहित (Public interest) को नुकसान होगा, तो उसे वह जानकारी देने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा - पुरानी IEA 124)

1️⃣3️⃣3️⃣ धारा 133 – 🕵️‍♂️ अपराध होने की जानकारी (Information as to commission of offences) (मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी या राजस्व अधिकारी को यह बताने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा कि उन्हें किसी अपराध की 'गुप्त सूचना' (Secret tip) किस मुखबिर से मिली - पुरानी IEA 125)

1️⃣3️⃣4️⃣ धारा 134 – 💼 वृत्तिक संसूचनाएं (Professional communications - Lawyer & Client Privilege) (किसी वकील (Advocate) को अपने मुवक्किल (Client) की गोपनीय बातें या दस्तावेज़ों की जानकारी उजागर करने की अनुमति नहीं है, जब तक कि मुवक्किल खुद न कहे। लेकिन यदि सलाह किसी अपराध को करने के लिए ली गई थी, तो यह छूट नहीं मिलेगी - पुरानी IEA 126)

1️⃣3️⃣5️⃣ धारा 135 – 🗣️ धारा 134 का दुभाषियों (Interpreters) और वकील के क्लर्कों/नौकरों पर भी लागू होना (पुरानी IEA 127)

1️⃣3️⃣6️⃣ धारा 136 – 🙋‍♂️ स्वेच्छा से साक्ष्य देने से विशेषाधिकार (Privilege) का त्याग नहीं होता (यदि पक्षकार खुद गवाही देने आता है, तो इसका मतलब यह नहीं कि वकील-मुवक्किल की गोपनीयता खत्म हो गई - पुरानी IEA 128)

1️⃣3️⃣7️⃣ धारा 137 – ⚖️ विधिक सलाहकारों के साथ गोपनीय संसूचनाएं (Confidential communication with legal advisers) (किसी भी व्यक्ति को यह बताने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा कि उसने अपने वकील को क्या बताया था - पुरानी IEA 129)


📄 दस्तावेज़ों की प्रस्तुति और गवाहों के अधिकार (Production of Documents & Rights of Witnesses)

1️⃣3️⃣8️⃣ धारा 138 – 🏠 जो गवाह मुक़दमे का पक्षकार (Party) नहीं है, उसके हक-दस्तावेज़ (Title deeds of property) पेश करने के लिए उसे मजबूर नहीं किया जा सकता (पुरानी IEA 130)

1️⃣3️⃣9️⃣ धारा 139 – 🗂️ ऐसे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड या दस्तावेज़ पेश करना जिन्हें पेश करने से कोई अन्य व्यक्ति इनकार कर सकता था (पुरानी IEA 131)

1️⃣4️⃣0️⃣ धारा 140 – 😨 गवाह इस आधार पर उत्तर देने से क्षमा नहीं किया जाएगा कि उत्तर उसे अपराध में फंसाएगा (गवाह को हर सवाल का सच-सच जवाब देना होगा, भले ही उससे वह खुद किसी जुर्म में फंसता दिखे। लेकिन इस जवाब के आधार पर उस पर सीधे कोई क्रिमिनल केस नहीं चलाया जा सकेगा - पुरानी IEA 132)


🤝 सह-अपराधी और गवाहों की संख्या (Accomplice & Number of Witnesses)

1️⃣4️⃣1️⃣ धारा 141 – 🥷 सह-अपराधी (Accomplice / वादामाफ़ गवाह) (कोई भी सह-अपराधी (जिसने जुर्म में साथ दिया हो) दूसरे आरोपी के खिलाफ एक सक्षम गवाह माना जाएगा। केवल उसके बयान पर दी गई सजा गैर-कानूनी नहीं होगी, हालांकि अदालत आमतौर पर इसके साथ अन्य सबूत (Corroboration) भी मांगती है - पुरानी IEA 133)

1️⃣4️⃣2️⃣ धारा 142 – 🔢 गवाहों की संख्या (Number of witnesses) (किसी भी तथ्य को साबित करने के लिए गवाहों की कोई 'निश्चित संख्या' आवश्यक नहीं है। अदालत गवाहों की गिनती नहीं करती, बल्कि उनकी गवाही की गुणवत्ता (Quality) देखती है। एक सच्चा गवाह भी काफी है - पुरानी IEA 134)



Post a Comment