भारतीय साक्ष्य अधिनियम (Bharatiya Sakshya Adhiniyam - BSA, 2023)
इस कानून ने पुराने भारतीय साक्ष्य अधिनियम (IEA, 1872) की जगह ली है और इसमें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्यों को बहुत महत्व दिया गया है।
📜 भाग I - प्रारंभिक (Preliminary) – Chapter I (Sections 1–2)
1️⃣ धारा 1 – 📘 संक्षिप्त नाम, लागू होना और प्रारंभ
2️⃣ धारा 2 – 📖 परिभाषाएँ (Definitions - इसमें दस्तावेज़, साक्ष्य, तथ्य, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड आदि की कानूनी परिभाषाएँ दी गई हैं)
⚖️ भाग II - तथ्यों की सुसंगति (Relevancy of Facts) – Chapter II (Sections 3–50)
(यह अध्याय बताता है कि न्यायालय में किस बात को सबूत माना जाएगा और किसे नहीं)
विवाद्यक और सुसंगत तथ्य (Facts in Issue and Relevant Facts) (Sections 3–14)
3️⃣ धारा 3 – 💬 विवाद्यक तथ्यों (Facts in issue - जिस बात पर विवाद हो) और सुसंगत तथ्यों (Relevant facts) का साक्ष्य दिया जा सकेगा
4️⃣ धारा 4 – 🔗 एक ही संव्यवहार (Same transaction) के भाग होने वाले तथ्यों की सुसंगति (इसे क़ानून में Res Gestae का सिद्धांत भी कहते हैं)
5️⃣ धारा 5 – 💥 विवाद्यक या सुसंगत तथ्यों के प्रसंग (Occasion), कारण (Cause) या प्रभाव (Effect) वाले तथ्य
6️⃣ धारा 6 – 🧠 हेतु (Motive), तैयारी (Preparation) और पूर्व या पश्चात का आचरण (Previous or subsequent conduct)
7️⃣ धारा 7 – 💡 विवाद्यक या सुसंगत तथ्य को स्पष्ट करने या पुरःस्थापित (Introduce) करने के लिए आवश्यक तथ्य
8️⃣ धारा 8 – 🤝 सामान्य आशय (Common design) के बारे में षड्यंत्रकारी (Conspirator) द्वारा कही या की गई बातें
9️⃣ धारा 9 – 🔄 वे तथ्य जो अन्यथा सुसंगत नहीं हैं, कब सुसंगत हो जाते हैं (जैसे Plea of Alibi - अपराध के समय कहीं और होने का दावा)
🔟 धारा 10 – 💰 नुकसानी (Damages) के मुकदमों में रकम तय करने के लिए तथ्य
1️⃣1️⃣ धारा 11 – 📜 जब अधिकार (Right) या रूढ़ि/प्रथा (Custom) का प्रश्न हो, तब सुसंगत तथ्य
1️⃣2️⃣ धारा 12 – 🧠 मन की दशा (State of mind) या शरीर की दशा दिखाने वाले तथ्य
1️⃣3️⃣ धारा 13 – ❓ कार्य दुर्घटना थी या साशय (Accidental or intentional), यह तय करने वाले तथ्य
1️⃣4️⃣ धारा 14 – 🏢 कारोबार के अनुक्रम (Course of business) का अस्तित्व कब सुसंगत है
🗣️ स्वीकृति (Admissions) (Sections 15–21)
1️⃣5️⃣ धारा 15 – 🗣️ स्वीकृति (Admission) की परिभाषा
1️⃣6️⃣ धारा 16 – 👤 कार्यवाही के पक्षकार (Party) या उसके अभिकर्ता (Agent) द्वारा स्वीकृति
1️⃣7️⃣ धारा 17 – 👨💼 उन व्यक्तियों द्वारा स्वीकृति जिनकी स्थिति वाद के पक्षकारों के विरुद्ध साबित की जानी चाहिए
1️⃣8️⃣ धारा 18 – 🤝 वाद के पक्षकार द्वारा स्पष्ट रूप से संदर्भित (Referred) व्यक्तियों द्वारा स्वीकृति
1️⃣9️⃣ धारा 19 – 🔄 स्वीकृति करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध और उनके द्वारा या उनकी ओर से स्वीकृति का साबित किया जाना
2️⃣0️⃣ धारा 20 – 📄 दस्तावेज़ों या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की विषय-वस्तु के बारे में मौखिक स्वीकृति कब सुसंगत है
2️⃣1️⃣ धारा 21 – ⚖️ सिविल मामलों (Civil cases) में स्वीकृति कब सुसंगत है
😨 संस्वीकृति (Confession / जुर्म कबूल करना) (Sections 22–25)
2️⃣2️⃣ धारा 22 – 😨 उत्प्रेरणा, धमकी, प्रपीड़न या वचन (Inducement, threat, coercion or promise) द्वारा कराई गई संस्वीकृति दांडिक कार्यवाही में कब विसंगत (Irrelevant) होती है (पुरानी IEA 24)
2️⃣3️⃣ धारा 23 – 👮 पुलिस अधिकारी को की गई संस्वीकृति का साबित न किया जाना (इसी धारा में यह भी शामिल है कि पुलिस हिरासत में आरोपी द्वारा दी गई जानकारी से यदि कोई चीज़/हथियार बरामद होता है, तो केवल उतनी जानकारी साबित की जा सकती है - पुरानी IEA 25, 26 और 27 का मिश्रण)
2️⃣4️⃣ धारा 24 – 👥 साबित संस्वीकृति (Proved confession) का उसे करने वाले और एक ही अपराध के लिए संयुक्त रूप से विचारणाधीन (Jointly under trial) अन्य व्यक्तियों पर प्रभाव (पुरानी IEA 30)
2️⃣5️⃣ धारा 25 – 🛑 स्वीकृतियां निश्चायक सबूत (Conclusive proof) नहीं हैं, किंतु विबंध (Estoppel) कर सकती हैं (पुरानी IEA 31)
⚰️ उन व्यक्तियों के कथन जिन्हें गवाह के रूप में नहीं बुलाया जा सकता (Statements by persons who cannot be called as witnesses) (Sections 26–27)
2️⃣6️⃣ धारा 26 – ⚰️ वे मामले जिनमें मृत या न मिल सकने वाले व्यक्ति द्वारा किया गया कथन सुसंगत है (इसमें सबसे महत्वपूर्ण मृत्युकालिक कथन / Dying Declaration शामिल है - पुरानी IEA 32)
2️⃣7️⃣ धारा 27 – ⚖️ किसी साक्ष्य में कथित तथ्यों की सच्चाई को पश्चात्वर्ती कार्यवाही (Subsequent proceeding) में साबित करने के लिए साक्ष्य की सुसंगति (पुरानी IEA 33)
📑 विशेष परिस्थितियों में किए गए कथन (Statements made under special circumstances) (Sections 28–30)
2️⃣8️⃣ धारा 28 – 📒 लेखा पुस्तकों (Books of account - इलेक्ट्रॉनिक सहित) में की गई प्रविष्टियां कब सुसंगत हैं
2️⃣9️⃣ धारा 29 – 🏛️ कर्तव्य पालन में लोक रिकॉर्ड (Public record) या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में की गई प्रविष्टि की सुसंगति
3️⃣0️⃣ धारा 30 – 🗺️ नक्शों, चार्टों और रेखांकनों (Maps, charts and plans) में कथनों की सुसंगति
