आशुतोष कोइरी

आशुतोष कोइरी
आशुतोष कोइरी : पंचपरगनिया साहित्य के भक्तिकालीन कवि प्रारंभिक जीवन और शिक्षा 1939 ई. में सिल्ली परगना की पावन भूमि पर आशुतोष कोइरी का जन्म हुआ। उनके पिता जुगल कोइरी पंचपरगना क्षेत्र के प्रसिद्ध झूमर गायक, नर्तक और मांदर-ढोल वादक थे। पिता के कलात्मक गुण पुत्र में भी गहराई से समाए हुए थे। आशुतोष की प्रारंभिक शिक्षा गाँव के विद्यालय में हुई और वे पढ़ाई में अत्यंत मेधावी थे। 1954 ई. में उन्होंने मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण की। आगे की पढ़ाई के बजाय उनका मन मूरी फैक्ट्री में काम करने की ओर आकर्षित था। पिता ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए उन्हें फैक्ट्री के डिप्लोमा कोर्स में दाखिला दिलाया। कोर्स पूरा करने के बाद उन्होंने इंडाल मूरी फैक्ट्री में नौकरी प्राप्त की। मात्र चौदह वर्ष की आयु में उनका विवाह भी हो गया। नौकरी और पारिवारिक जीवन सुखद रहा, किंतु उनके भीतर का रचनाकार अधूरा महसूस करता रहा।   साहित्यिक जागरण और मातृभाषा से प्रेम उनके हृदय में मातृभाषा पंचपरगनिया के प्रति गहरा प्रेम जागृत हुआ। धीरे-धीरे वे गीत-संगीत की रचना करने लगे। उनकी रचनाओं में राधा-कृष्ण और राम-सीता के सुख-दुख का चित्रण मिल…