परमानन्द महतो

परमानन्द महतो
परमानन्द महतो : पंचपरगनिया साहित्य के अमर स्तंभ जीवन परिचय और शिक्षा 7 मार्च 1949 को सिल्ली थाना के बसंतपुर गाँव में परमानन्द महतो का जन्म हुआ। पिता का नाम परेश नाथ महतो और माता का नाम परिबा देवी था। प्रारंभिक शिक्षा गाँव के विद्यालय से प्राप्त करने के बाद उन्होंने 1965 में मैट्रिक और 1970 में राँची विश्वविद्यालय से बी.ए. की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद 1987 में राँची विश्वविद्यालय के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एम.ए. की उपाधि प्राप्त की।   शिक्षा के प्रति उनकी गहरी लगन ने उन्हें जीवनभर मातृभाषा की सेवा के लिए प्रेरित किया। वे 1987 से आज तक इसी विभाग से जुड़े हुए हैं और बिना वेतन के विद्यार्थियों को पढ़ाते रहे हैं। सिल्ली से प्रतिदिन आकर पढ़ाना और स्वयं खर्च उठाना उनके मातृभाषा प्रेम का अद्वितीय उदाहरण है।   साहित्यिक अनुसंधान और व्याकरण का विकास उन्होंने पीएच.डी. के लिए “पंचपरगनिया साहित्य का वर्णनात्मक अध्ययन” विषय चुना, किंतु पारिवारिक संकटों के कारण अधूरा छोड़ना पड़ा। इसके बावजूद उनकी लेखनी निरंतर चलती रही।   1990 में बिहार सरकार की जनजातीय भाषा अकादमी ने उनकी दो पुस्तकों “पंचपरगनिया…