ज्योतिलाल महादानी

ज्योतिलाल महादानी
पंचपरगना की मिट्टी का रत्न : ज्योतिलाल महादानी जन्म और परिचय पंचपरगना की धरती ने समय-समय पर अनेक श्रेष्ठ कवियों और लेखकों को जन्म दिया है, जिनकी रचनाओं ने इस क्षेत्र की माटी को सुगंधित किया है। इन्हीं में से एक नाम है स्व. ज्योतिलाल महादानी, जिन्हें पंचपरगनिया भाषा और साहित्य का प्रथम गद्यकार माना जाता है। उस समय जब साहित्य में केवल पद्य रचनाएँ ही उपलब्ध थीं, उन्होंने गद्य लेखन का साहस दिखाया और पंचपरगनिया साहित्य को नई दिशा दी।   16 सितंबर 1933 ई. को सिल्ली में उनका जन्म हुआ। पिता का नाम कुंज बिहारी और माता का नाम साठुबाला देवी था।   प्रारंभिक जीवन और संघर्ष महादानी जी अपने पिता के अत्यंत लाडले पुत्र थे, किंतु मात्र आठ वर्ष की आयु में पिता का निधन हो गया। परिवार की जिम्मेदारियाँ उनके कंधों पर आ गईं। वे पढ़ाई में मेधावी थे और सदैव प्रथम स्थान प्राप्त करते थे, किंतु आर्थिक कठिनाइयों के कारण उन्हें पढ़ाई बीच में छोड़कर पान की दुकान चलानी पड़ी।   साहित्यिक रुचि और विकास पारिवारिक कठिनाइयों के बावजूद उनकी अध्ययन-पिपासा अटूट रही। उन्होंने बांग्ला, हिंदी और पंचपरगनिया साहित्य का गहन अध्ययन किया। र…