प्रो. जगन्नाथ सिंह मुंडा

प्रो. जगन्नाथ सिंह मुंडा
प्रो. जगन्नाथ सिंह मुंडा : पंचपरगनिया साहित्य के अग्रदूत प्रारंभिक जीवन और शिक्षा 5 जुलाई 1958 को राँची ज़िले के तमाड़ थाना क्षेत्र के डींबूडीह गाँव में प्रो. जगन्नाथ सिंह मुंडा का जन्म हुआ। पिता का नाम विश्वनाथ मुंडा और माता का नाम सोमबारी देवी था। बचपन से ही वे कुशाग्र बुद्धि के धनी थे। प्रारंभिक शिक्षा गाँव के विद्यालय से, फिर उलीलहर मिडिल स्कूल और सोनाहातू हाई स्कूल से मैट्रिक उत्तीर्ण की। उच्च शिक्षा हेतु वे राँची कॉलेज पहुँचे और इतिहास विषय में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की। बाद में राँची विश्वविद्यालय के जनजातीय भाषा विभाग से एम.ए. किया।   पंचपरगनिया भाषा को पहचान दिलाना पढ़ाई के दौरान ही उनके भीतर पंचपरगनिया भाषा के प्रति गहरा प्रेम जागृत हुआ। उन्होंने कविता, गीत और निबंध लिखना शुरू किया और इस भाषा को विश्वविद्यालय में स्थान दिलाने के लिए संघर्ष किया। उनके प्रयासों से डॉ. रामदयाल मुंडा ने पंचपरगनिया को विभाग में शामिल किया। इसके बाद उन्हें राँची कॉलेज में पंचपरगनिया पढ़ाने की जिम्मेदारी मिली, जहाँ उन्होंने प्रारंभ में निःशुल्क सेवा दी।   साहित्यिक योगदान वे पंचपरगनिया भाषा विकास …