झारखंड का ऐतिहासिक अवलोकन

झारखंड का ऐतिहासिक अवलोकन
झारखंड का ऐतिहासिक अवलोकन ​1. इतिहास की परिभाषा एवं काल विभाजन ​इतिहास मानव विकास के उस कालखंड को कहते हैं जिसका लिखित विवरण उपलब्ध है। अध्ययन की सुविधा के लिए झारखंड के इतिहास को तीन मुख्य भागों में बाँटा गया है: ​ प्राचीन काल (Ancient Period) ​ मध्यकाल (Medieval Period) ​ आधुनिक काल (Modern Period) ​कालखंडों का वर्गीकरण: ​ प्रागैतिहासिक काल (Pre-historic Period): मानव विकास का वह काल जिसका कोई लिखित विवरण उपलब्ध नहीं है। इसके अध्ययन का मुख्य आधार पुरातात्विक स्रोत (पत्थर के उपकरण, गुफा चित्र, खुदाई से प्राप्त अवशेष) हैं। ​ आद्य-ऐतिहासिक काल (Proto-historic Period): वह काल जिसके लिखित साक्ष्य तो मिले हैं, किंतु उन्हें अभी तक पढ़ा नहीं जा सका है (जैसे हड़प्पा सभ्यता)। झारखंड के संदर्भ में असुर जनजाति के लोहे के उपयोग को इस काल से जोड़ा जाता है। ​ ऐतिहासिक काल (Historic Period): वह काल जिसके लिखित और पठनीय साक्ष्य उपलब्ध हैं। ​2. समय मापन की अवधारणा (Time Scale) ​इतिहास को समझने के लिए तिथियों का ज्ञान अनिवार्य है: